करौली का लड़का आरएसी में कंपनी कमांडर की नौकरी छोड़ कैसे राजनीति मैं गया

Total Views : 720
Zoom In Zoom Out Read Later Print

पॉलिटिकल डेस्क- अक्सर कहा जाता है कि राजनीति में मुकाम हासिल करना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिसने देश के अति पिछड़े इलाके में पैदा होकर भी राजनीति में अपनी एक धाक कायम की.पूर्वी राजस्थान करौली जिले में 13 मई 1926 को जन्मे शिवचरण सिंह धाबाई जिन्होंने करौली के महाराजा स्कूल से अध्ययन किया.आजादी लड़ाई को करीब से देखा और भाग लिया. साल 1949 में आरएसी में नौकरी ली।आरएसी में कंपनी कमांडर बने।


लेकिन छुट्टियों के दिनों में अपने गांव जाते तो वहां के लोग बार-बार एक ही बात दोहराते कि शिव चरण सिंह को राजनीति में आना चाहिए. लंबी जद्दोजहद के बाद करीब 10 साल की नौकरी करने के बाद शिव चरण सिंह में इस्तीफा दे दिया और सक्रिय राजनीति में आ गए। निर्विरोध सरपंच और फिर प्रधान से शुरू हुआ सफर देखते ही देखते संसद के उच्च सदन राज्यसभा तक पहुंच गए। शिव चरण सिंह अपने राजनीतिक करियर में महुआ,बयाना और करौली से विधायक ना केवल विधायक बने बल्कि मोहनलाल सुखाड़िया सरकार में मंत्री बने इसके अलावा भैरों सिंह शेखावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।


बरहाल शिव चरण सिंह का सियासी सफर आसान नहीं था। क्योंकि ग्रामीण परिवेश से निकलकर से सियासत में इतना बड़ा मुकाम हासिल कर लिया  आसान तो नहीं होता।लेकिन अपनी सियासी पारी में उन्होंने अपनी राजनीतिक कौशल को बखूबी साबित किया। जब पहली बार महुआ से विधायक चुनकर जाने के बाद मंत्री बने।गौरतलब है कि अपने गुर्जर समुदाय से राज्यसभा जानेवालले पहले नेता भी है।

See More

Latest Photos